लॉकडाउन में मां खुद तपती दुपहरी में नंगे पांव चली, बेटी को पहना दी अपनी चप्पल ताकि उसके तलवे न जलें

लॉकडाउन में ना तो प्रवासी मजदूरों की घर वापसी थम रही है न उनसे जुड़ी दर्द और दुख की कहानियां। सरकार की तमाम कोशिशें करने के बाद भी श्रमिकों का पलायन नहीं रुक रहा है। आज भी देश के किसी भी हाईवे पर जाकर देख लीजिए वहां पर आपको लाचार और बेबस लोग पैदल चलते हुए दिखाई देंगे। एक ऐसी दर्दभरी कहानी हरियाणा से सामने आई है, जिसके बारे में जानकर आप भी इमोशनल हो जाएंगे।
दरअसल, यह तस्वीर रोहतक रेल्वे स्टेशन पर देखने को मिली है। जहां रानी नाम की महिला अपनी पांच साल की बेटी के साथ घर जाने के लिए ट्रेन में सवार हो रही थी। मां की ममता तो देखो जब उसकी बेटी की चप्पल टूट गईं तो उसने अपनी चप्पल उतार कर बच्ची दीक्षा को पहना दी और खुद नंगे पैर 40 डिग्री तापमान में तपती दुपहरी में जींद से चलकर यहां तक आई थी।

आपको बता दें कि इस महिला को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में अपने गांव जाना है। जहां वो घर जाने के लिए मंगलवार को रोहतत से स्पेशल ट्रेनें में सवार हुई थी। उसने बताया कि वह जल्द से जल्द अपने गांव पहुंचना चाहती है। उसने कहा-करीब एक सप्ताह से दोनों मां-बेटी ने पेट भरकर खाना नहीं खाया है। अगर यहां रहे तो भूखे ही मर जाएंगे।