ठेले पर दिव्यांग पत्नी और गोद में लिया नौनिहाल बेटे को...

हरियाणा के यमुनानगर में भट्ठे पर कार्य करने वाला छोटू रेहड़े पर दिव्यांग पत्नी और गोद में छोटे बच्चे को लेकर अपने गृह जनपद के लिए जा रहा है। भूख लगी तो रास्ते में ईट से चूल्हा बना लिया और लकड़ियों से आग जला ली। परिवार के लिए खाना बनाया। पांच दिन से वह यही सब करते हुए शामली पहुंचा है। 

छोटू का कहना है कि लॉकडाउन के बाद यदि सब ठीक रहा तो फिर इस रास्ते से ही अपने रोजगार के लिए जाऊंगा। जनपद मुजफ्फरनगर के गुड़ मंडी निवासी छोटू अपनी पत्नी पिकी और पांच वर्ष के बेटे रघु के साथ हरियाणा के जिला यमुनानगर के देहात क्षेत्र में ईट भट्ठे पर रहकर कार्य कर रहा था। 

लॉकडाउन के पूर्व तो छोटू रस्सी बेचने का कार्य और भट्ठे पर रहकर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। राजू ने बताया कि 24 मार्च से लागू लॉकडाउन से अभी तक काम बंद है। ऐसे में बच्चे को गोद में लेकर करनाल से होते हुए पांच दिनों में शामली पहुंचा।