‘चटनी रोटी खा लेंगे, लेकिन अब कभी कमाने के किए परदेस नहीं जाएंगे’

दूसरे शहरों में मजदूरी के लिए गए लोग अब लौट आए।यहां लौटे मजदूरों ने बताया कि घर तक पहुंचने में कई मुसीबतों का सामना करना पड़ा। अब वह शहरों में नहीं जाएंगे।कुछ ने तो यहां तक कहा कि ‘चटनी रोटी खा लेंगे, लेकिन परदेस नहीं जाएंगे’।
परिवार को पालने के लिए यहां से कई जने दिल्ली, जयपुर, कोटा, जोधपुर में रह रहे थे। लॉकडाउन में लौट आए, इन सभी को जांच के लिए यहां प्रशासन ने होम आइसोलेट करा दिया। जयपुर में काम करने वाले भंवरलाल सैनी ने बताया कि पहले घर लौटने पर पड़ौसी व परिचित सम्मान से बुलाते थे, लेकिन अब बाहर से लौटने के कारण कोरोना संक्रमण के दौर में सभी संदेह होने लग गया।