बरेली में ठेले वाले के बच्चे पर टूट पड़ी चीता, बच्चे का सूज गया हाथ...

लाकडाउन में बीच सिंधुनगर कालोनी के सामने फल का ठेला लगाये एक 12 साल के बच्चे पर चीता मोबाइल के सिपाही टूट पडे़। बच्चे ने पापा के आने के बाद ठेला हटाने को कहा तो सिपाहियों ने उसकी पिटाई लगा दी। जिससे बच्चे का हाथ सूज गया। वायरल वीडियो को पूर्व मुख्यमंत्री ने टवीट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। 
जगतपुर में सिंधुनगर कालोनी के सामने उमेश गुप्ता ने बताया कि वह फल का ठेला लगाते हैं। ठेले पर नाबालिग बेटे हर्ष को बैठाकर वह नहाने के लिये चले गये। इस बीच चीता मोबाइल आकर रुकी। सिपाही विपिन व आशीष ने डंडा दिखाते हुये ठेला हटाने के लिये कहा। किशोर के मामा संजय गुप्ता ने आरोप लगाते हुये कहा कि सिपाहियों ने उनके भांजे के हाथ व कमर पर डंडे मारे।

आसपास खड़े ठेले वाले भाग गये। सिपाही ठेला जल्द से जल्द हटाने की बात कहकर चले गये। पिटाई से बच्चे का रोकर बुरा हाल है। किशोर के पिता व मामा पहुंचे। इस बीच किसी ने बच्चे की वीडियो बनाकर वॉयरल कर दी। वह बच्चे को लेकर बारादरी थाने पहुंचे। पुलिस से उन्होंने उपचार कराने की मांग की तो पुलिस ने फौरन स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल में बच्चे का इलाज कराया।  घटना के बाद बच्चा सदमे में है। घरवालों ने आरोपी सिपाहियों के खिलाफ देर रात तहरीर नहीं दी थी।

पुलिस द्वारा 12 वर्षीय बच्चे की बेरहमी से पिटाई पर अखिलेश यादव ने निंदा की है। उन्होंने बच्चे की पिटाई का वीडियो अपने ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया है। ट्वीट पर उन्होंने लिखा कि इस आपात काल में बहुत सारे बच्चे अनाथ हो गए हैं और  दर-दर भटकने पर मजबूर हैं। प्रदेश में भाजपा सरकार ऐसी परिस्थितयों में भी उन बच्चों को प्रताड़ित कर रही है जो आत्मनिर्भर बनकर दो वक्त की रोटी कमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि बच्चों का दर्द समझने वाला इस सत्ता में कोई नहीं है।