लॉकडाउन में कई घरों से आ रही थी रोने की आवाज, हर कोई है स्तब्ध

बलिया जिले तहसील क्षेत्र के टोला फकरूराय गांव में कई घरों से रोने के आवाज की सुन हर कोई स्तब्ध था। गांव के लोगों को समझ में नहीं आ रहा था कि वे क्या करें। किस-किस को समझाएं। एक ही मोहल्ले के दो किशोर व तीन बच्चों की घाघरा नदी में डूबने से हुई मौत के बाद पूरा गांव सहमा हुआ था। ये सभी बच्चे फखरू टोला डेरा में अपने पट्टीदारी में धनजी यादव की माता के दशकर्म श्राद्ध में बाल (हजामत) आदि बनवाए थे। वहीं से सरयू नदी में स्नान करने का प्लान तैयार किया और निकल गए नदी की ओर, उसके बाद काल ने उन्हें अपनी ओर खींच लिया।
गांव के लवकुश यादव (16) पुत्र अवधेश यादव, विकास यादव (16) पुत्र संतोष यादव, पप्पू यादव (10) पुत्र परमात्मा यादव, विशाल यादव (14) पुत्र उद्धव यादव व लालू यादव (8) पुत्र जयप्रकाश यादव नदी में नहाने के दरम्यान आपस में उछल-कूद और हंसी मजाक कर रहे थे, तभी वह अथाह पानी में चले गए और डूबने लगे। तब मौके पर ऐसा कोई था भी नहीं जो उन्हें बचा सके।

गांव में जिन घरों के लाल अब इस दुनिया में नहीं रहे, वहां परिजनों का चित्कार सुन हर किसी की आखें द्रवित हो जा रही थी। बच्चों के मां-बाप व अन्य परिजन भी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे। गांव में इस बात की चर्चा हो रही थी कि यह नदी अब कई रूपों में बंट चुकी है। नदी घाटों का अंदाजा नहीं होने के चलते बच्चे अथाह पानी में चले गए होंगे। 

मौके पर बने टी-स्पर के पत्थरों में भी उनके फंसने की संभावना है। जिदा बाहर आया था लवकुश। सरयू में डूबे पांच बच्चों में एक बच्चा गोताखोरों की मदद में जिदा बाहर निकाला गया था, लेकिन वह अस्पताल पहुंचता उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद एसएचओ संजय त्रिपाठी ने बताया कि कटान के कारण नदी की स्थिति बहुत खराब है। लग रहा है कि चारों बच्चे कहीं किसी स्पर बैगरह में फंस गए जिससे उनकी मौत हो गई।