लॉकडाउन में अस्पताल के गेट पर तड़पती रही गंभीर रूप से बीमार महिला

लखीसराय के सदर अस्पताल प्रबंधन ने गुरुवार को गंभीर रूप से बीमार एक गरीब महिला को पीएमसीएच, पटना रेफर कर दिया। उसे एंबुलेंस की सुविधा नहीं देकर कर्मियों ने अस्पताल से बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद बीमार महिला को लेकर उसके स्वजन अस्पताल के मुख्य द्वार स्थित चाय की दुकान पर बैठ गए और महिला दुकान की बेंच पर लेट गई। करीब तीन घंटे तक महिला सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर एंबुलेंस के इंतजार में तड़पती-कराहती रही। 
उधर से गुजरने वाले चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने रोगी से कोई मतलब नहीं रखा। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार सिंह को इसकी जानकारी मिली तो प्रबंधक नंद किशोर भारती को स्ट्रेचर भेजकर रोगी को अस्पताल लाने का निर्देश दिया। इसके बाद उक्त महिला को भर्ती लेकर इलाज शुरू किया गया। उपाधीक्षक ने प्रबंधक को कोरोना जांच को ले स्वाब का सैंपल लेकर पटना जाने वाली एंबुलेंस से ही उक्त महिला को पीएमसीएच, पटना भेजने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

यह वाकया चानन प्रखंड के बलहपुर निवासी प्रमोद साव की पत्नी अनीता देवी के साथ हुआ। वे तीन माह से बीमार हैं। पेट सहित पूरे शरीर में सूजन होने के बाद बुधवार को भाई बबलू कुमार एवं पुत्री जयंती कुमारी ने उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन, डॉक्टर ने इलाज करने के बदले से रेफर करते हुए अस्पताल से बाहर कर दिया। अस्पताल प्रबंधन को तर्क था कि लालकार्ड नहीं रहने के कारण 102 एंबुलेंस की सुविधा महिला को नहीं मिल सकती है। गरीबी के कारण स्वजन उसे पीएमसीएच ले जाने की स्थिति में नहीं थे।