लॉकडाउन में पिता के शव के पास असहाय लेटी थी बेटी, फरिश्ता बनकर पहुंची पुलिस, कराया अंतिम संस्कार

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन में मरना भी दुश्वार हो गया है। संक्रमण को रोकने के लिए लोगों को अपने घरों में बंद रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान कहीं अपनों के अंतिम दर्शन के लिए परिजन घर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो कहीं मृतको की अंतिम यात्रा के लिए कंधों की ही कमी पड़ रही है। ऐसा ही एक मामला मथुरा में सामने आया है।
पिता की मौत के बाद हाथ और पांव से विकलांग बेटी लाचारी में मदद के लिए रास्ता निहार रही थी, तभी दो पुलिसकर्मी वहां किसी फरिश्ते की तरह उसकी मदद के लिए पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक, पिता की मौत के बाद हाथ-पांव से विकलांग बेटी पेट के बल शव के पास लेटी थी और मदद के लिए किसी मददगार का रास्ता देख रही थी। इस बीच किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पीआरवी पर तैनात कॉन्स्टेबल नितिन मलिक और होमगॉर्ड रोहिताश मौके पर पहुंचे।
नितिन ने बताया कि जब वह वहां पहुचे तो देखा कि मृतक की इकलौती बेटी जमीन पर पेट के सहारे लेटी है। नितिन ने बताया कि इसके बाद उन्होंने मानवता के नाते तुरंत ई-रिक्शा का इंतजाम किया और कुछ लोगों की मदद से शव को उस पर लाद श्मशान घाट पर ले गए। घाट पर पुलिस ने अपनी मौजूदगी में मृतक का रीति-रिवाजों के साथ विधिवत् अंतिम संस्कार कराया। पुलिस के इस काम की लोग जमकर सराहना कर रहे हैं।