श्रमिक स्पेशल ट्रेन से घर लौट रहे नवजात की हो गई मौत, भीषण गर्मी और पानी की कमी से थम गईं उसकी सांसें

मुंबई से गोरखपुर जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन में एक नवजात की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे की हालत बिगड़ने पर दंपती ने रेलवे के कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को उरई स्टेशन पर रोका गया। यहां से बच्ची को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भदोही निवासी सर्वेश सिंह अपनी पत्नी किरन और एक माह के बच्चे के साथ कल्याण (मुंबई) से गोरखपुर जा रही श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन में सवार थे। जैसे ही ट्रेन झांसी से आगे बढ़ी तो उन्हें बच्चे की हालत कुछ ठीक नहीं लगी। कुछ देर तक जब बच्चे ने आंख नहीं खोलीं तो सर्वेश ने रेलवे के कंट्रोल रूम को बच्चे की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी।
तब तक ट्रेन उरई स्टेशन के पास पहुंच चुकी थी। लिहाजा उरई स्टेशन पर एक्सप्रेस को इमरजेंसी स्टापेज देकर 4 बजकर 8 मिनट पर रोका गया। सूचना पर डॉक्टरों की टीम भी एक नंबर प्लेटफार्म पर पहुंची। इसके बाद बच्चे को लेकर उसके माता पिता उतरे और डॉक्टरों ने जांच पड़ताल कर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां से बच्चे को महिला अस्पताल भेजा गया।
यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दूसरी श्रमिक स्पेशल ट्रेन 5 बजकर 28 मिनट पर उरई स्टेशन पहुंची जो कि झांसी छपरा बिहार जा रही थी। उस पर ही दोनों पति पत्नी को नवजात के शव के साथ आगे के लिए भेज दिया गया। रेलवे के डॉक्टर जिन्होंने बच्चे की प्लेटफार्म पर जांच की थी, कहना है कि हो सकता है कि ट्रेन में गर्मी के कारण उसकी हालत बिगड़ी हो।
वहीं महिला अस्पताल के डॉक्टर एसके पाल का कहना है कि बच्चा अस्पताल में आया था तो उसकी मृत्यु हो चुकी थी, कारण गर्मी या फिर दूध पानी की कमी भी हो सकती है। इस संदर्भ में जीआरपी इंस्पेक्टर बृजमोहन सैनी का कहना है कि बच्चे की मौत की सूचना दर्ज कर ली गई है।