चल चलकर घिस गईं मजदूरों की चप्पलें, तो मदद के लिये पुलिस ने लगाई सड़क किनारे दुकान

आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई-वे पर पुलिस ने चप्पलें लगा रखी हैं. ये चप्पलें उन मजदूरों के लिए हैं जो सड़क पर तेज धूप में पैदल चल रहे हैं. सिर पर गृहस्थी का बोझ उठाकर ये मजदूर लगातार चले जा रहे हैं. दिल्ली एनसीआर में लॉकडाउन में जिंदगी थमी तो रोजी रोटी के लाले पड़ गए. अब ये मजदूर तपती दोपहरी में पैदल ही घर जा रहे हैं. लगातार चलते चलते इनकी चप्पलें टूट गईं. इसके बाद कई मजदूर तपती सड़क पर नंगे पांव चल रहे हैं.
ऐसे मजदूरों के लिए आगरा पुलिस राहत का सामान लेकर आई है. ऐसे मजदूरों को पुलिस चप्पल दे रही है. ताकि उनकी मीलों लंबी मुश्किलों भरी राह थोड़ी आसान हो जाए. आगरा पुलिस ने मजदूरों को सैकड़ों जोड़ी चप्पलें मुफ्त में बांट रही है. आगरा सदर के सीओ विकास जयसवाल ने कहा कि जो मजदूर बाहर से आ रहे हैं, उनके बच्चे या बड़े जो नंगे पैर चल रहे हैं उनके लिए हम कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें चप्पल दी जाए. उन्हें खाने के पैकेट और पानी भी हम दे रहे हैं.

बता दें कि सरकार और प्रशासन की तरफ से बार बार अपील के बावजूद मजदूर लगातार घर जा रहे हैं. परदेश में अब उनका सारा आसरा छिन चुका है. 50 दिन की बेरोजगारी के बाद न तो खाने का पैसा बचा है और न ही रहने के लिए घर. उत्तर भारत में गर्मी अब प्रचंड रूप दिखाने लगी है और कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है.

पिछले कुछ दिनों से हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के हजारों प्रवासी मजदूरों का काफिला आगरा के रास्ते अपने घरों की ओर जा रहा है. इन मजदूरों की मजबूरी दिल कचोट देने वाली है. मजदूरों की जेब में किराया के पैसे नहीं. कुछ की जेब में चंद रुपये हैं भी तो वो उन्होंने खाने-पीने के लिए बचा रखे हैं.