कोरोना के लिए अच्छी ख़बर, ये दवा दिखा रही है असर, अब इस महामारी पर अंकुश लगाना संभव!

अमरीका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फ़ाउची ने एलान किया है कि रेमडेसीवीर दवा ने कोविड-19 के बीमारों के इलाज में बहुत कारगर रूप से काम किया है। फ़ाउची ने बुधवार को कहा कि इस दवा को भारी संख्या में बीमारों पर प्रयोग किया गया जिससे यह नतीजा सामने आया कि यह दवा बीमार को बहुत जल्द ठीक कर देने में प्रभावी है।
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के सलाहकार और वाइट हाउस की कोरोना वायरस टास्क फ़ोर्स के सदस्य फ़ाउची ने यह एलान दवा बनाने वाली कंपनी जीलीड साइंस के इस बयान के बाद किया है कि दवा ने बड़े पैमाने पर क्लिनिकल टेस्ट में अपने लक्ष्य हासिल किए हैं। कंपनी का कहना है कि इस दवा का इस्तेमाल करने से बीमार 31 प्रतिशत कम समय में ठीक हो जाता है यानी 14 दिन के बजाए 11 दिन में बीमार की हालत ठीक हो जाती है।

इस दवा को अमरीका में 47 और यूरोप और एशिया में 21 स्थानों पर 1036 बीमारों पर आज़माया गया। फ़ाउची का कहना है कि यह बहुत अच्छा संकेत है और चूंकि प्रयोग करने वाले विशेषज्ञों को बहुत अच्छा नतीजा मिला है इसलिए इसका एलान किया गया है। ज्ञात रहे कि इससे पहले जीलीड कंपनी की ओर से घोषणा की गई थी कि प्रयोग के चरण से गुज़र रही दवा रेमडेसीवीर बहुत अच्छा असर दिखा रही है। जिन लोगों पर इस दवा का प्रयोग किया गया है वह बहुत जल्दी ठीक होकर घर जा रहे हैं।
सीएनएन की 17 अप्रैल की रिपोर्ट में बताया गया था कि रेमडेसीवीर दवा का क्लिनिकल टेस्ट चल रहा है जो लैब टेस्ट के बाद का चरण है और इस चरण में इस दवा को इंसानों पर टेस्ट किया जा रहा है। देखने में आया कि जिन बीमारों को सांस लेने में बहुत तकलीफ़ थी और तेज़ बुख़ार था वह भी एक हफ़्ते से भी कम समय में ठीक होकर डिसचार्ज हो गए।

क्लिनिकल टेस्ट टीम की इनचार्ज और शिकागो युनिवर्सिटी में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डाक्टर कैथलीन मुलेन का कहना है कि यह बहुत अच्छी ख़बर है कि हमारे अधिकतर पेशेंट डिसचार्ज हो गए हैं, यह बहुत शानदार बात है, अब हमारे पास केवल दो मरीज़ ही बचे हैं। यह दवा इबोला के बीमारों पर भी टेस्ट की गई थी लेकिन उसमें ज़्यादा कारगर नहीं रही थी मगर फिर जानवरों पर किए गए प्रयोग से पता चला कि यह दवा कोविड-19 जैसी बीमारियों को रोकने और उनके इलाज में प्रभावी है।