बताया मास्क नहीं गमछा है सर, फिर भी मारकर हाथ तोड़ा

कोरोना का गंभीर संकट झेल रहे गरीब तबके के लोगों पर पिछले दो दिनों से मास्क के नाम पर अलग कहर बरपाया जा रहा है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी के मौजूदगी में वृद्धों व महिलाओं के साथ भी बेरहमी से मारपीट की जा रही है। रविवार की सुबह झुमरीतिलैया शहर में मास्क के नाम पर कई लोगों के साथ मारपीट की गई। 
पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी नगर पर्षद के सिटी मैनेजर तक लाठी भांजने में पीछे नहीं रह रहे हैं। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां कपड़ा से फेस ढंककर लोगों से अपील कर रहे हैं, लेकिन दूसरी ओर रविवार को नगर पर्षद के सीटी मैनेजर, एक हवलदार व पुलिस कर्मियों ने गमछा लगाये हुए एक 60 वर्षीय वृद्ध को बेरहमी से पिटाई कर हाथ तक तोड़ दिया। इन लोगों ने सब्जी बेचने वाली एक महिला पर भी लाठी बरसा दिया। 

शहर में सुबह से ही मारपीट कर दहशत फैलाने के इस करतूत से लोगों में जबरदस्त आक्रोश पनपने लगा है। यहां दारोगी लाल को डंडे से इतनी पिटाई की गई कि इनका बांया हाथ तक टूट गया। वृद्ध ने बताया कि उनकी दुकान के बाहर अचानक सीटी मैनेजर, व तीन पुलिस कर्मी पहुंचे और पूछा की मास्क कहां है? उनके द्वारा बताया गया कि मास्क नहीं गमछा है साहब इतने में डंडा बरसाने लगा। जिससे उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने उच्चाधिकारियों से दोषियों पर कार्रवाई व आर्थिक सहयोग की गुहार लगाई है। इन्हीं के भाई 65 वर्षीय रविद्र लाल के साथ भी मारपीट की गई। 

एक पैर से लाचार लाल तेजी से भाग भी नहीं पा रहे थे, फिर भी इन पर लाठियां बरसायी गई। वहीं खुदरा पट्टी में ही पशु चारा बेचने वाले एक दुकानदार संजय कुमार को चार से पांच डंडे मारा गया। उन्होंने बताया कि वे दुकान के पास कुर्सी में बैठा था, जबकि एक स्टाफ काम कर रहा था। चेहरे पर गमझा लेपटे थे, मास्क नहीं लगाया था। इतने में बिना कुछ कहे उनपर कई लाठियां बरसायी गई। बेटा पर चल रहा था डंडा, मना करने पर महिला को भी पीटा।