"पहले हमें खाना दीजिए फिर चाहे जितना मारिए"

बस्ती रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ी तो उन्हें नियंत्रित करने के लिए पुलिस कर्मियों ने बल प्रयोग किया। लॉकडाउन में विभिन्न राज्यों के फंसे प्रवासी मजदूरों का रेल से सफर कठिनाइयों से भरा है। स्टेशन पर भी अव्यवस्था से मजदूर हलकान हो रहे हैं। 
पंजीकरण व थर्मल स्क्रीनिग कार्य के लिए पर्याप्त कर्मचारी न होने के कारण घंटों यात्री परेशान रहे।ट्रेन में भूख से तड़प रहे मजदूरों के लिए प्लेटफार्म पर कोई इंतजाम नहीं था। स्पेशल ट्रेन से उतरे यात्रियों की भारी भीड़ के चलते वहां अव्यवस्था फैल गई। पंजीकरण काउंटर पर पर्याप्त कर्मी नहीं थे। 
भूख से परेशान यात्रियों ने हो-हल्ला मचाया। पुलिस व अन्य कर्मियों ने बल पूर्वक यात्रियों पर काबू करने का प्रयास किया। कुशीनगर का प्रवासी मजदूर सत्येंद्र गौड़ भूख से परेशान था। उसे एक पुलिस कर्मी ने पकड़ा तो उसने जवाब दिया कि साहब भूख लगी है, पहले खाना दिला दीजिए, फिर चाहे जितनी लाठी मार लीजिएगा।