स्टेशन के फर्श पर लेटी महिला को देखकर सहम गए लोग, कहा "अरे देखो, कोरोना मरीज है क्या"

दोपहर के करीब सवा ग्यारह बज रहे थे। लुधियाना से आई श्रमिक स्पेशल से यात्री एक-एक कर थर्मिल स्कैनिंग कराने के बाद आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच एक महिला दर्द से कराहती हुई फर्श पर लेट गई। पति और बेटी उसे संभालने में लग गई।  
बस क्या था...पलक झपकते बात फैल गई। कुछ देर के लिए सभी सहम गए। फौरन पीपीई किट में दो स्वास्थ्यकर्मी पहुंच गए और नजदीक जाने पर पूरा माजरा समझ में आया। महिला कैंसर पीड़ित थी और उसे दर्द हो रहा था। महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां जांच के बाद जरूरी दवाएं देकर उनको घर भेज दिया गया।

लॉकडाउन में फंसे 981 श्रमिकों एवं उनके परिवार वालों को लेकर लुधियाना-गोरखपुर श्रमिक स्पेशल शुक्रवार को करीब पांच घंटे की देरी से स्टेशन पहुंची। ट्रेन के आते ही रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी और स्वास्थ्य कर्मी हरकत में आ गए और सभी यात्रियों को सर्किल में खड़ाकर थर्मल स्कैनिंग की। इसके बाद बसों से उन्हें गंतव्य के लिए रवाना किया गया। प्लेटफॉर्म एक पर शुक्रवार को करीब 11:15 बजे स्पेशल ट्रेन पहुंची। एसपी जीआरपी पुष्पाजंलि के निर्देश पर सभी यात्रियों को मक्के के भूजे का पैकेट, एक छोटा पैकेट बिस्किट और एक साबुन दिया गया। 

बच्चों को फ्रूटी दी गई। एसओ आनंद सिंह ने ट्रेन के आने के पहले सभी सिपाहियों का उत्साह बढ़ाया। उधर, कैब-वे पर खड़ी बसों में रोजाना की तरह 25 से 30 लोगों को बैठाकर भेजा गया। व्यवस्था की देखरेख में रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा आरपीएफ, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक सहित सुरक्षा बल व रेलवे कर्मचारी मौजूद थे।