अस्पताल से छुट्टी मिलते ही बेटे के गम में बिलखकर रो पड़ी मां...

सरकाघाट क्षेत्र के कोरोना संक्रमित मृतक युवक की मां की रिपोर्ट निगेटिव आने पर रविवार को महिला को चैलचौक स्थित निजी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डिस्चार्ज होते ही महिला अपने बेटे के गम में बिलख-बिलख कर रो पड़ी। महिला को रोता देख चैलचौक कोविड सेंटर के पूरे स्टाफ की आंखों से आंसू छलक आए। वहीं, महिला के जेठ को भी अस्पताल से छुट्टी दे गई।
व्यक्ति की रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी है, लेकिन तबीयत खराब होने के चलते उसे भी अस्पताल में रखा गया था। रविवार को जब दोनों को छुट्टी दी गई तो निजी अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्य कर्मचारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने कोरोना जैसी महामारी पर विजय पाने के चलते महिला और उसके जेठ पर फूल बरसाए। एसडीएम गोहर अनिल भारद्वाज ने सरकाघाट की महिला और उसके जेठ को रविवार को डिस्चार्ज करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों को एंबुलेंस के माध्यम से घर भेजा गया है। अब दोनों अब ठीक हैं।
गौरतलब है कि गत दिनों सरकाघाट के चौक ब्राड़ता क्षेत्र के कोरोना संक्रमित युवक की शिमला में मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी मां की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे शिमला से चैलचौक कोविड सेंटर भर्ती किया गया था। महिला के साथ उसके जेठ को भी बुखार आने पर कोविड सेंटर भर्ती किया था। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें रविवार को घर भेज दिया गया।
कोरोना से जंग जीतने वाली महिला के चेहरे पर बेटे की मौत का दर्द साफ दिखा। रविवार को वह अपने घर पहुंचीं तो एंबुलेंस में ही फूट-फूट कर रोने लगी। जब उन्हें एंबुलेंस से उतरने को कहा गया तो भी वह बेहद भावुक हो गईं। रोते हुए कहने लगीं कि मैं बेटे को साथ लेकर गई थी और खाली हाथ लौटी हूं। मां के विलाप को सुनकर वहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसुओं का सैलाब था।

गांव की कुछ बुजुर्ग महिलाओं ने उसे संभालते हुए एंबुलेंस से उतारा। प्रधान शांता देवी ने बताया कि सरकारी वाहन महिला को छोड़ने आया था। घर पहुंचकर महिला ने बेटे की याद में बहुत आंसु बहाए। इस बात की खुशी जरूर है कि वह कोरोना जैसी बीमारी को मात देकर लौटी हैं। उनका दर्द देखकर पूरा गांव शोक में डूब गया।