लॉकडाउन में घर जा आ रहे परिवार की नाव पचनद नदी में पलटी, मासूम भाई और बहन की मौत

उत्तरप्रदेश के इटावा में लॉकडाउन के बाबजूद नाव के जरिये यमुना नदी पार कर औरैया स्थित अपने गॉव जा रहे परिवार से भरी नाव डूबी, हादसे में दो की मौत तीन को बचाया गया। सीओ चकरनगर मस्सा सिंह ने बताया कि रविवार को थाना बिठौली क्षेत्र के अंतर्गत पड़ने वाली पचनद में नाव पलटने की सूचना पुलिस को मिली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नदी में डूब रहे पांच लोगों को बाहर निकाला है। जिनमे दो बच्चों को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया है। मृतक बच्चो के शव को शव ग्रह में रखवा दिया है। बाकी तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। यह परिवार ग्वालियर से औरैया स्थित अपने गांव बमाइन जा रहा था नाव पलटने से यह हादसा हुआ है।
स्थानीय समाजसेवी गजेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि हादसे के पीछे अवैध रूप से नाव का संचालन करने वाला कल्लू मल्लाह जिम्मेदार है, क्योंकि यहां पर जिला पंचायत की तरफ से कोई ठेका नही उठाया गया है। फिर भी कल्लू मल्लाह अवैध रूप से नाव का संचालन करने का कार्य किया करता है। इस हादसे के बाद उन्होंने बताया कल्लू मल्लाह के पिता भी अवैध रूप से नाव का संचालन किया करते थे। तब बहु हुए एक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गयी थी। उस हादसे की गम्भीरता को देखते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने स्थानीय विधायक और राज्य के राजस्व मंत्री गौरी शंकर को मौके पर सांत्वना देने के लिये भेजा था।

नाव में हादसे का शिकार हुए युवक पप्पन सिंह सेंगर ने बताया कि वह मध्यप्रदेश के ग्वालियर में प्राइवेट बस में कन्डेक्टर की नौकरी करते है और वह मूल रूप से यूपी के औरैया जनपद के अजीतमल तहसील में बमाइन गांव के रहने वाले है। लॉकडाउन के कारण सभी प्रकार के परिवहन बन्द है और उनके गांव में उनकी माता कमलेश देवी की तबियत खराब है। जिन्हें देखने के लिए वह अपनी पत्नी और बच्चो के साथ दुपहिया वाहनो पर सवार होकर निकले थे। मोटर साइकिल और उनकी पत्नी नीरज एक्टिवा स्कूटी पर सवार होकर अपने बच्चों के साथ निकले थे।

इटावा के थाना बिठौली क्षेत्र के शेरगढ़ घाट के पास पुलिया टूटी होने की वजह से वह पचनद के उस पार स्थित अपने गांव बमाइन नही जा पा रहे थे। इसलिए उन्होंने एक नाव वाले को पैसे देकर किराए पर कर लिया और अपने पत्नी नीरज और बच्चे ऋतिक,आर्यन और बेटी जानू के साथ दोनो दुपहिया वाहनों के साथ नाव में सवार हुए। थोड़ा आगे चलने पर नाव अनियंत्रित होकर पलटने लगी और नाविक नाव छोड़कर नदी में कूदकर निकल गए। नाविक के कूदने के बाद अनियंत्रित नाव पलट गई और पूरा परिवार डूबने लगा। इस बीच हम लोग अपनी जान बचाने के लिए तड़पने लगे। थोड़ी देर बाद पहुंची पुलिस ने हम लोगो को नदी से बाहर निकाला। अस्पताल आने पर डॉक्टरों ने हमारे 12 वर्षीय बेटे आर्यन और 10 वर्षीय बेटी जानू को मृत घोषित कर दिया है। इस घटना की जानकारी पर परिवार में कोहराम मच गया है।