कोरोना नहीं सिस्टम की लापरवाही ने ले लिया इस मासूम बच्ची की जान

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले सामने आने के साथ यहां क्वारंटाइन सेंटरों की बदहाल तस्वीर एक बच्ची की जान पर भारी पड़ी है. जिले के बेतालघाट में 4 साल की बच्ची अंजना लॉकडाउन में छूट के बाद दिल्ली से पिता के साथ सही-सलामत लौट आई थी. लेकिन आज यहां क्वारंटाइन सेंटर में सांप के काटने से उसकी मौत हो गई. दिल्ली से लौटने के बाद मासूम बच्ची को गांव के स्कूल में क्वारंटाइन किया गया था. 
बच्ची को स्कूल में सांप काटने की खबर फैलते ही उसके इलाज के लिए तत्काल भाग-दौड़ की गई, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मचा है, वहीं COVID-19 को लेकर सरकार के उपायों और सिस्टम के दावों पर सवाल उठने लगे हैं. मामला यह है कि तल्लीसेटी खौला गांव तोक के रहने वाले महेन्द्र सिंह का दिल्ली में इलाज चल रहा था और लॉकडाउन में वह वहीं फंसे थे. 

लॉकडाउन में राहत मिलने के बाद वह गांव पहुंचे, तो गांव के लोगों ने कोरोना के भय से उनको परिवार समेत स्कूल में क्वारंटाइन कर दिया. आज सुबह चार साल की अंजना के स्कूल के अंदर थी और उसके माता-पिता बाहर थे. अंदर आने पर उन्होंने बच्ची के कान के पास एक सांप बैठा देखा. यह देख माता-पिता के हाथ-पांव फूल गए. उन्होंने किसी तरह से सांप को वहां से भगाया. 
इसके बाद बच्ची के शरीर पर सांप काटने के निशान देख परिवार के लोग दहशत में आ गए. भागदौड़ के बाद भी बच्ची को नहीं बचाया जा सका. बच्ची की मौत के बाद क्वारंटाइन सेंटर पर कोहराम मच गया. अंजना के परिजनों ने इस मामले का दोष सरकार पर लगाया. उनका कहना था कि क्वारंटाइन सेंटर में बदइंतज़ामी की वजह से मासूम की मौत हुई है. परिजनों ने बच्ची की मौत के मामले में स्कूल के शिक्षक खीम सिंह और पटवारी राजपाल के खिलाफ नामजद एफ़आईआर दर्ज करवा दी है.