"मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया, मैं बुजदिल नहीं था"

जयपुर जिले के राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई के सरकारी क्वार्टर में शनिवार तड़के फंदा लगाकर खुदकुशी करने के बाद अब उनके दो सुसाइड नोट सामने आए है। इनमें एक नोट उन्होंने अपने जिले की एसपी तेजस्विनी गौतम के नाम लिखा। 
इसमें उन्होंने लिखा- आदरणीय मैडम, माफ करना, प्लीज, मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वोत्तम देने का राजस्थान पुलिस को प्रयास किया। निवेदन है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मेरा गुनाहगार मैं स्वयं हूं। विश्नोई ने शनिवार अलसुबह अपने क्वार्टर में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुबह काफी देर तक क्वार्टर से बाहर नहीं आने पर स्टॉफ ने दरवाजा खोलकर देखा तो खुदकुशी का पता चला।
इसी तरह, पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त ने दूसरा सुसाइड नोट अपने माता पिता के नाम से लिखा- आदरणीय मां पापा, मैं आपका गुनाहगार हूं। इस उम्र में दुख देकर जा रहा हूं। उमेश, मन्कू और लक्की मेरे पास कोई शब्द नहीं है। आपको बीच मझधार में छोड़कर जा रहा हूं। पता है ये कायरों का काम है बहुत कोशिश की खुद को संभालने की पर शायद गुरु महाराज ने इतनी सांस दी थी। उमेश दोनों बच्चों के लिए मेरा सपना पूरा करना। संदीप भाई पूरे परिवार को संभाल लेना प्लीज, मैं खुद गुनाहगार हूं। आप सबका विष्णु
विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस मुख्यालय से पूरी रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने विश्नोई के आत्महत्या प्रकरण की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के एडीजी बीएल सोनी के निर्देशन में एसपी विकास शर्मा को सौंपी है। इसके बाद एसपी विकास शर्मा राजगढ़ के लिए रवाना हो गए। डीजीपी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि विष्णुदत्त पुलिस बेड़े के होनहार एवं सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों में से एक थे। उनके निधन से पूरा पुलिस परिवार आहत है। डीजीपी ने कहा कि इस दुखद घटना के बारे में कुछ लोग भ्रामक बातें फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। जो कि अनुचित है। यह उस जाबांज अधिकारी का अपमान है।