दो दिनों से भूखे, बाप और बेटी को दारोगा ने खिलाया भरपेट खाना तो बरबस ही छलक पड़े आंसू

कोरोना संकट काल के बीच की यह एक ऐसी कहानी है जिसमें एक पुलिस ऑफिसर की संवेदना है तो बेबस लाचार मजदूरों को घर भेजने वाले पदाधिकारियों की भयानक लापरवाही भी सामने है. दरअसल यह कहानी मुजफ्फरपुर से है, लेकिन इसका ताल्लुक पूरे देश और मानवता से भी है. कहानी उत्तर प्रदेश के एक गरीब पिता पुत्री की है जो भटकते हुए कोरोनाबंदी में मुजफ्फरपुर आ गए थे. दरअसल उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर के निवासी लालू पाल अपना पेट परिवार चलाने के लिए गुजरात के अमदाबाद में एक कपड़ा मिल में काम करते थे. लालू पाल की बेटी नीलम भी उनके साथ ही रहती थी. 
कोरोनाकाल में कपड़ा मिल बंद हो गया तो दो रोटी के भी लाले पड़ गए. लाचार लालू अपने गांव लौटने की तैयारी करने लगे. उन्होंने अमदाबाद में लौटने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बदले बिहार के बरौनी जाने वाली गाड़ी में सवार करा दिया.  ट्रेन ने दोनों को बरौनी में छोड़ दिया, लेकिन वहां से यूपी पहुंचना बड़ा सवाल था.  कुछ अधिकारियों ने उन्हें पटना भेज दिया, जहां से पिता पुत्री जैसे तैसे मुजफ्फरपुर आ गए.

मुजफ्फरपुर के चांदनी चौक पर दोनों बैठे थे और 4 दिनों से खाना नहीं खाया था. दो दिनों तक बिस्किट और पानी भी मिला था, लेकिन दो दिनों से उन्हें वह भी नसीब नहीं हुआ था. लेकिन,  बाप बेटी की खुद्दारी ऐसी कि किसी को अपनी बात भी नहीं बता रहे थे. इसी बीच चांदनी चौक पर तैनात महिला दारोगा माया रानी की नजर उन पर पड़ी. माया रानी जहानाबाद में तैनात हैं और लॉकडाउन से पहले मुजफ्फरपुर अपने घर आई थीं. लॉकडाउन में फंस जाने की वजह से उन्होंने यहीं योगदान दे दिया और ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक पर ड्यूटी कर रही थीं.  माया रानी ने उनसे हालचाल लिया तो काफी पूछताछ के बाद पता चला कि 2 दिनों से उन दोनों ने कुछ खाया भी नहीं है. पता चला कि उनके पास फूटी कौड़ी भी नहीं है.

फिर क्या था, पुलिस वर्दी में हंटर चलाने वाली माया रानी अन्नपूर्णा बन गईं और पिता-पुत्री दोनों को पास के एक ढाबे में ले जाकर भरपेट भोजन कराया. हमने जब नीलम से बात की तो उसकी आंखों में आंसू आ गए. नीलम ने बताया कि 2 दिनों से खाना खाने के लिए कुछ नहीं मिला था. नीलम के पिता लालू पाल ने कहा कि दारोगा माया उनके लिए फरिश्ता बनकर आई हैं. माया रानी ने बताया कि भूखे जनों को भोजन कराकर उन्हें काफी सुकून मिला है. वहीं चांदनी चौक पर ट्रक लेकर पहुंचे यूपी के कई ड्राइवरों ने पिता पुत्री को कुछ रूपए नगद दिए. माया रानी ने बताया कि इन दोनों को सुरक्षित उनके गांव तक भेज दिया जाएगा.