"ऐसी बेटी पैदा होने से तो अच्छा है न ही होती" निशा के गर्भ में पल रहे बच्चे का डीएनए टेस्ट कराएंगे परिजन

रजत के कत्ल के बाद निशा के गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर रजत के परिवार में आस जगी है। स्वजनों का कहना है कि बच्चे का डीएनए टेस्ट कराएंगे। यदि बच्चा रजत का है तो अपनाएंगे। परिवार ने रजत-निशा की पांच साल की बेटी को अपने पास रखा है। निशा के पिता ने कहा कि बेटी के कृत्य से शर्मिदा हैं और उसकी पैरवी नहीं करेंगे। पुलिस ने निशा को जेल व अंशुल को छोटू राम इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित अस्थाई जेल भेज दिया है।
29 अप्रैल को गंगानगर में रजपुरा के प्रधान विपिन चौधरी के चचेरे भाई रजत सिवाच पुत्र जोगेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने सोमवार को हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए रजत की पत्नी निशा और उसके प्रेमी कंकरखेड़ा निवासी अंशुल बावरा को गिरफ्तार किया। अंशुल का साथी कपिल जाट पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सका है। पुलिस ने मंगलवार को अंशुल बावरा और निशा को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेजने के आदेश दिए गए। जेल भेजने से पहले दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा।
उधर, रजत के पिता जोगेंद्र ने निशा की पांच साल की बेटी को अपने पास रख लिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि इस बच्ची पर अब निशा का कोई हक नहीं होगा। साथ ही निशा के गर्भ में पल रहे बच्चे का डीएनए टेस्ट कराएंगे। क्योंकि निशा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बच्चे का पिता अंशुल बावरा को बताया है। रजत के पिता जोगेंद्र यह भी मान कर चल रहे है कि शायद निशा उनके परिवार को गुमराह कर रही हो, जो रजत की हत्या करा सकती है, गर्भ में पल रहे बच्चे को अंशुल का बताने की उसकी दूसरी प्ला¨नग हो सकती है। ऐसे में डीएनए रिपोर्ट ही निशा की सच्चाई बयां करेगी। नहीं करूंगा बेटी की पैरवी निशा के पिता बृजपाल ने उसकी ससुराल में पहुंचकर बेटी के कृत्य पर माफी मांगी है। साथ ही ससुराल के लोगों को भरोसा दिलाया कि बेटी के इस कृत्य में कदापि उसका साथ नहीं देंगे। ऐसी बेटी पैदा होने से तो अच्छा है न ही होती।
उसकी वजह से पूरे समाज में शर्मसार होना पड़ रहा है। हमसे रहम की उम्मीद मत रखना निशा के ससुर जोगेंद्र ने उसके परिवार को बताया कि हमारा सबकुछ उजड़ चुका है। ऐसे में निशा को उसके किए की सजा दिलाकर रहेंगे। ऐसे में हम से रहम की उम्मीद मत रखना। अब निशा की पांच साल की बेटी को रजत की निशानी समझकर ही भरण-पोषण किया जाएगा। इशांत दत्ता को बचाने में पुलिस का बड़ा खेल रजत की हत्या करने में इशांत दत्ता उर्फ ईशू भी शामिल था। क्योंकि जिस स्प्लेंडर बाइक से हमलावर आए थे वह सैनिक विहार निवासी इशांत दत्ता उर्फ ईशू पुत्र शिवकुमार दत्ता की है। इसके बावजूद पुलिस ने इशांत को मुल्जिम नहीं बनाया है। चर्चा है कि इशांत को छोड़ने की एवज में पुलिस ने मोटी वसूली की है, जिसे लेकर क्राइम ब्रांच और गंगानगर पुलिस आमने-सामने भी आ गई थी।
दरअसल रजत हत्याकांड के पर्दाफाश के दो प्रेस नोट जारी किए गए थे। पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट में इशांत दत्ता को ही आरोपित बनाया गया था। उसके बाद दूसरा प्रेस नोट जारी हुआ, जिसमें इशांत दत्ता को क्लीनचिट देकर कपिल जाट को आरोपित बना दिया गया है। 
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अंशुल बावरा बड़ा ही शातिर बदमाश है। उसने निशा को प्रेमजाल में फंसाकर रजत की हत्या कर दी। उसके दूसरे साथी कपिल जाट की धरपकड़ को टीम लगी हुई है। पुलिस ने अंशुल के घर से ही निशा के कपड़ों से भरे हुए बैग भी बरामद कर लिए हैं।