लॉकडाउन में अहमदाबाद से हंसी खुशी घर आया, होम आइसोलेट से निकल कुएं में जाकर कूदा

कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन से हर कोई प्रभावित है। इनमें सबसे अधिक प्रवासी मजदूरों की हालत खराब है। जिले के मसूदा कस्बे में एक युवक अहमदाबाद से अपने घर पहुंचा था, लेकिन शुक्रवार रात उसने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। कोरोना हॉटस्पॉट अहमबाबाद जैसे शहर से आने पर प्रशासन ने युवक जितेन्द्र को घर पर ही आइसोलेट कर दिया था। इसकी अवधि पूरी होने में सिर्फ तीन दिन शेष बचे थे। इसके बावजूद कुएं में कूदकर उसने जान दे दी।
मसूदा के रेगरान मोहल्ला निवासी जितेन्द्र कुमार की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कहीं घरेलू कलह तो नहीं थी। फिर आर्थिक तंगी भी वजह हो सकती है। वैसे वह अपने घर आ गया था। इसके चलते खाने-पीने की समस्या तो नहीं मानी जा सकती। देश के शहरों से प्रवासी इसलिए घर लौट रहे हैं ताकि बेरोजगारी में खुद के गांव तो सुरक्षित रहेंगे। इसके बावजूद जितेन्द्र ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया। यह सवाल अनुत्तरीत है। बताते हैं कि घटना की रात उसने पहले घर पर शराब के नशे में हंगामा किया। इसके बाद आवेश में आकर कुएं में जा कूदा।

काफी देर तक जितेन्द्र घर पर नजर आया तो परिजन ने उसकी तलाश की। कोरोना के चलते होमआइसोलेट से बाहर निकलने की मनाही है। फिर भी वह परिजन को बिना बताए घर से निकल कर कुएं में जा कूदा। परिवार वाले तलाश करते रहे। किसी ने कुएं के पास चप्पलें देखी तो अनिष्ट की आशंका हुई। बाद में डीजल इंजन चलाकर कुएं का पानी तोड़ा गया। दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला जा सका।

जितेन्द्र का शव मसूदा से अजमेर लाया गया है। प्रशासन ने निर्णय किया है कि शव की कोरोना जांच की जाएगी। गुरुवार को सैम्पल लिए गए हैं। संभवतया शुक्रवार को जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। यदि जितेन्द्र के शव की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई तो इसके परिजन,सम्पर्क वाले तथा अन्य लोग क्वॉरंटीन में रखे जाएंगे। साथ में उसके निवास स्थान के एक किमी क्षेत्र में कफ्र्यू लगाया जा सकता है। फिलहाल जांच रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।