साइकिल पर बोरे में बेटी को लटका अपने घर के लिए निकल मजदूर परिवार...

कोरोना वायरस के फैलने के बाद देशभर में 25 मार्च को लॉकडाउन लगा दिया गया था। 25 मार्च से देश में तमाम कामकाज बंद होने के साथ-साथ परिवहन की सेवाएं भी बंद हैं। ऐसे में गांवों से आकर शहरों में मजदूरी करने वाले लोग घरों को लौट रहे हैं। 25 मार्च के बाद से ही लगातार ये लोग सड़कों पर चलते देखे जा रहे हैं। कोई साधन ना मिलते देख ये लोग पैदल या फिर साइकल और रेहडी जैसे साधनों पर सैकड़ों मील चल रहे हैं।
एक ऐसे परिवार की तस्वीर सामने आई हैजो एक साइकिल से दिल्ली से उत्तर प्रदेश को लौट रहा है। परिवार के बाकी बच्चे और महिलाएं तो सामान सिर पर उठाए पैदल चल रहे हैं लेकिन एक बच्ची जो दिव्यांग है और चल नहीं सकती, उसे साइकिल में बोरा में लिटाकर बांध लिया गया है। सैकड़ों मील इस बच्ची को इस तरह से जाना है। वहीं साथ में मौजूद छोटे बच्चे पैदल चले जा रहे हैं।

बोरे से झांक रहीं हैं बच्ची की आंखे
मजदूर ने साइकिल के आगे डंडे में एक प्लास्टिक का बोरा बांध रखा है और इस बोरो में उसने बच्ची को लिटाया हुआ है। दिल्ली से उत्तर प्रदेश के लिए परिवार की इस दिव्यांग बच्ची की तस्वीरें दिल तोड़ने वाली हैं। ये बच्ची ऐसे देख रही है मानों कोई इनकी मदद करेगा और वो इस बोरे से निकल सकेगी। गर्मी में ये बच्ची के लिए बहुत मुश्किल है लेकिन परिवार के पास और कोई चारा भी नहीं है।
ये मजदूर एक और तो अमानवीय स्थितियों में इतनी दूर तक पैदल चल रहे हैं तो दूसरी ओर इन्हें पुलिस की मार सहनी पड़ रही है। इससे ज्यादा इनके साथ लगातार हादसे भी जो रहे हैं। कई संस्थानों ने आंकड़े दिए हैं, जिनके मुताबिक अब तक करीब 150 मजदूर लॉकडाउन के बाद हादसों का शिकार होकर मरे हैं। वहीं कई सौ घायल हुए हैं।