गांव में न फैल जाए कोरोना, इसलिए पेड़ों पर बना लिया है अपना बसेरा

सीकर के गांव दुल्हेपुरा निवासी पवन कुमार कोटिया ने जोधपुर से आने के बाद स्वयं को परिवार से दूर रखते हुए पेड़ पर मचान बनाकर क्वॉरंटीन कर लिया। पवन ने शीशम के पेड़ पर करीब 15-18 फीट ऊंचाई पर चारपाई बांधकर मचान बना लिया। उसी पर रहता है। पवन जोधपुर में टाइल्स का काम करता था। वहां से आने के बाद से 10 दिन से खेत में पेड़ पर बने मचान पर रह रहा है। परिजन भोजन व अन्य सामग्री रस्सी से मचान पर ही पहुंचाते हैं।
कोरोना के चलते प्रवासी अपने घरों में परिजन से दूर अलग कमरे में जिंदगी बसर कर रहे हैं। तिमावा गांव में १६ मई को कार में अहमदाबाद से आए प्रवासी ने लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए खुद को गांव से दो किमी दूर होम आइसोलेट कर रखा है। तिमावा के पिन्टू मीना ने पेड़ पर रस्सी से चारपाई का झूला डाला हुआ है। पिन्टू ने बताया कि वह अहमदाबाद में व्यवसाय करता है। कोरोना के लॉकडाउन के चलते वह पिछले दिनों तिमावा आया।

सिरोही जिले में कोरोना ब्लॉस्ट रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। यहां रोज बड़ी संख्या में नए मरीज सामने आ रहे हैं। शुक्रवार सवेरे जिले के चार उपखण्ड क्षेत्रों में ९ नए कोरोना पॉजिटिव सामने आए। शाम को जिला कारागार के छह प्रहरियों समेत ९ लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। ऐसे में एक ही दिन में १८ जनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इसके साथ ही आंकड़ा ९६ तक पहुंच गया।