लॉकडाउन में RPF के सब इंस्पेक्टर और लोको पायलटों में हो गई मारपीट, एसआई की वर्दी भी फटी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रेलवे स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर को कोरोना काल में लोको पायलेट से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना महंगा पड़ गया. प्रयागराज जंक्शन पर तैनात आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर अमित द्विवेदी के ऊपर कुछ लोगों ने हमला कर दिया और उनकी बुरी तरह से पिटाई कर दी. एस आई अमित द्विवेदी का कहना है कि कल शाम स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 के पास कुछ लोको पायलट लोगों की भीड़ जमाकर पतंगबाजी कर रहे थे. इसी दौरान जब उनको सोशल डिस्टेंसिंग के लिए टोका तो वो झगड़ने पर आमादा हो गए.
इसके पहले भी कुछ लोग स्टेशन परिसर में शाम को शराब पीते हुए दिखे थे, जिन्हें अमित ने शराब पीने से मना किया था. के सब इंस्पेक्टर अमित द्विवेदी के मुताबिक, बीती शाम वो अपनी कार से स्टेशन से निकल कर कहीं जा रहे थे. इस दौरान स्कूटी सवार एक लोको पायलट से उनकी गाड़ी छू गयी. जिसके बाद विवाद बढ़ने पर उसने तमाम लोको पायलट को बुलाकर अमित को जमकर पीटा और उनकी वर्दी फाड़ दी. इस दौरान अमित ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो उनका मोबाईल फोन छीन कर उनको दोबारा पीटा गया.

अमित को जब लगा कि ये लोग उनको ज्यादा पीट देंगे तो उन्होंने बेल्ट निकाल कर लोको पायलट को दौड़ाया तब जाकर अमित की जान बची. अमित के मुताबिक, स्टेशन पर कुछ लोको पायलट ऐसे हैं, जो आये दिन शराब पीकर हुड़दंग और बदमाशी करते हैं और टोकाटाकी करने पर वो अमित के खिलाफ हो गए थे. बस इसी खुन्नस ने अमित को टारगेट कर योजना बनाकर पीटा गया है. रेलवे का विभागीय मामला होने के चलते सूचना रेलवे के अधिकारियों को हुई तो उन्होंने पूरे मामले में अमित और डीजल लॉबी का पक्ष जानने के बाद जांच और कार्रवाई की बात कही.

दूसरी ओर, लोको पायलट लॉबी से जुड़े कुछ लोगों ने भी अमित द्विवेदी पर मारपीट का आरोप लगाया है. उनके मुताबिक बीती शाम बात तक शुरू हुई, जब अमित ने गाड़ी लड़ जाने के बाद 55 वर्षीय रेलवेकर्मी को जमकर पीट दिया. विभागीय मामला होने के चलते अब पूरे मामले में रेलवे के अधिकारी बैक फुट पर है और मामले को रफा दफा करने में जुट गए हैं. देखना होगा कि इस पूरे मामले में जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है या फिर सुलह समझौते से मामले को शांत कर दिया जाता है.