सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि - भूमि पेडनेकर ने सुशांत की याद में लिया संकल्प, करेंगी ये नेक काम

सुशांत सिंह राजपूत के निधन को 15 दिन गुजर चुके हैं। लेकिन उनके दोस्त, इंडस्ट्री के कलाकार और फैंस अभी तक उनकी यादों से निकल नहीं पाए हैं। सुशांत से जुड़ी तस्वीरें और वीडियोज शेयर किये जा रहे हैं। ऐसे में अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने एक खास संकल्प लिया है। सुशांत की याद में भूमि ने 'एक साथ फाउंडेशन' के जरीए 550 जरूरतमंद परिवारों के लिए खाना देने का लिया संकल्प लिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर दी है।
बता दें, भूमि पेडनेकर और सुशांत फिल्म सोनचिड़ैया में साथ नजर आए थे। दोनों में अच्छी दोस्ती थी। भूमि ने पोस्ट में लिखा है- "सुशांत सिंह राजपूत की याद में मैं एक साथ फाउंडेशन के ज़रिए 550 ज़रूरतमंद परिवारों को खाना खिलाने की शपथ लेती हूं। आइए, ज़रूरतमंदों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएं। इस वक़्त इसकी सबसे अधिक ज़रूरत है।"

भूमि का यह कदम सराहनीय है। सुशांत के निधन से भूमि बेहद शोक में थीं। उन्होंने एक्टर के लिए एक खास पोस्ट भी शेयर किया था। वहीं, सुशांत की आने वाली फिल्म 'दिल बेचारा' को पोस्टर भी शेयर किया था।
2019 में रिलीज हुई फिल्म 'सोनचिड़ैया' में सुशांत की को-स्टार और दोस्त रहीं अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने सुशांत के लिए एक बेहद इमोशनल पोस्ट लिखा था। भूमि ने सुशांत के साथ बिताए गए पलों को शब्दों में पिरोया।
भूमि ने लिखा- जब पहली बार हम मिले थे, तुमने कहा था कि तुम मुझे तारे दिखाओगे.. मैंने सोचा- हां, कुछ भी। लेकिन तुमने अपने हर शब्द को साबित किया। कितनी खुशी के साथ तुमने हमें अपना टेलीस्कोप दिखाया था। टीचर बन जाया करते थे। हमने कई लेखकों की बातें की है, साथ में थ्योरी, सफलता और जिंदगी पर चर्चा की है। हमने बहस की है हमारी लड़ाई हुई है। तुम उस वक्त टीचर बन जाते थे।मैं तुम्हारा इंतजार पेन और पेपर लेकर किया करती थीं।
 
भूमि ने पोस्ट में बताया कि सुशांत ने खुशी से उछलते हुए भूमि और बाकी लोगों को भी अपने टेलिस्कोप से अलग-अलग ग्रह और ब्लैक होल दिखाया, जिसे देखकर वे हक्की-बक्की रह गई थीं। भूमि ने लिखा- मेरे सवालों का तुम उत्साहित होकर जवाब दिया करते थे।
"हमने चार्ट्स और एल्गोरिदम की मदद से म्यूजिक को समझने की कोशिश भी की है। तुमने आर्ट की मदद से न्यूटन की थ्योरी समझाने की कोशिश की थी। तुमने मुझे जिंदगीभर का एक्सपीरियंस दे दिया मेरे दोस्त। तुम्हारे जाने का गम तुमसे मिल चुके लोगों और जो अभी तक नहीं मिले सबको है। तुम याद आओगे हमारे SSR."