गुड़िया की कहानी, सुनिये उसी की जुबानी, 'हॉस्पिटल में मेरे भाई की लाश पड़ी है, पिता भी मर गए...आप मेरे साथ चलिए'

मुरादाबाद के मझोला थानाक्षेत्र के हनुमान नगर में अनुसूचित जाति के पिता-पुत्र की ईंट से कुचलकर हत्या की दर्दनाक कहानी सुनकर किसी के भी आंखों से आंसू छलक पड़ेंगे। पिता और भाई की मौत के बाद गुड़िया ने खुद बताया कि उस दिन कैसे उजड़ गया उसका संसार। गुड़िया कहती है कि ‘रोज की तरह शुक्रवार शाम मैं अपने पिता और भाई के लिए रामलीला मैदान से खाना लेने गई थी। रामलीला मैदान में खाना बांटने वाली गाड़ी आती है। खाना लेकर आठ बजे वापस लौटी तो केजीके कॉलेज रोड पर लोगों की भीड़ लगी थी। वहां बताया गया कि यहां से अभी एंबुलेंस में एक युवक को जिला अस्पताल भिजवाया गया है। जिस जगह युवक घायल अवस्था में पड़ा था। उसके पास एक खून से सनी शर्ट पड़ी थी। वो शर्ट मेरे भाई की थी। उसे देखते ही मेरा दिल आशंका से धड़क उठा...
मेरे पास पैसे नहीं थे। मेरी मदद को भी कोई आगे नहीं आया। मैं अपने छह माह के बच्चे को गोद में लेकर पैदल ही जिला अस्पताल पहुंच गई। वहां जाकर देखा तो पैरों तले से जमीन खिसक गई। मेरे भाई की मौत हो चुकी थी। उसकी लाश मोर्चरी में रख दी थी। मैं दोबारा वापस लौटी और राम तलैया चौकी पहुंची। चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों से बताया कि जिला अस्पताल में मेरे भाई की लाश पड़ी है। मेरे पिता भी नहीं मिल रहे हैं। मेरे साथ मेरे घर चलो, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मेरी गुहार नहीं सुनी। सिविल लाइंस थाने से मझोला थाने में सूचना भेजी गई। तब जाकर पुलिसकर्मी मेरे साथ जाने को तैयार हुए। तीन बजे पुलिस कर्मी मेरे साथ घर पहुंचे। तब मेरे पिता की लाश घर में पड़ी मिली।
किशन लाल की बेटी गुड़िया ने पड़ोसी बाबूराम और उसके परिवार के सदस्यों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। गुड़िया ने बताया कि दिवाली के दिन पड़ोसियों ने उसके पिता को पीटकर छत से फेंक दिया था। जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। वह चलने फिरने में असमर्थ हो गए थे। उसका भाई भी पहले मानसिक रूप से कमजोर नहीं था। वह ठीक था। पड़ोसियों ने उसके साथ मारपीट की थी।  सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया था। जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। पिता नगर निगम में नौकरी करते थे। भाई भी मेहनत मजदूरी करता था। पिता चलने फिरने से मोहताज हुए तो उनकी नौकरी भी छूट गई।
हत्यारोपियों ने पिता पुत्र पर ईंटों से हमला किया था।  इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राजेश कमरे से किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा, तो उसे हमलावरों ने कूड़ेदान के पास दौड़ाकर पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि यहां भी उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे घायल अवस्था में छोड़कर हमलावर भाग गए, जबकि किशन लाल घायल अवस्था में ही कमरे के अंदर पड़े रहे। वह बाहर नहीं निकल पाए। उनके पास भी कोई नहीं पहुंच पाया। रात तीन बजे पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मझोला पुलिस ने शनिवार दोपहर दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। जिसकी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि पिता पुत्र के सिर पर ईंटों से हमला किया गया था, जिससे दोनों के सिर की हड्डियां टूट गई थीं। जबकि किशन लाल का लीवर भी फट गया था।
इस दर्दनाक दोहरे हत्याकांड में भी पुलिस ने धाराओं में खेल कर दिया। पिता पुत्र को ईंटों से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। घटनास्थल पर जहां तहां खून पड़ा है। एक दो नहीं तमाम ईंट पत्थर पड़े हैं। इसके बावजूद मझोला पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के मामले में केस दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक का कहना है कि मझोला के लाइन पार हनुमान नगर में दो पक्षों के बीच पथराव हुआ था, जिसमें पिता पुत्र की मौत हुई है। केस दर्ज कर लिया गया है। दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम मामले की जांच कर तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।