कोरोना के समय फिलीपींस में फंसी पत्नी, पति ने पानी की तरह पैसा बहा दिया, फिर भी इंडिया नहीं ला पाया

कोरोना संक्रमण को रोकने दुनियाभर में लॉकडाउन लागू किया गया था। बेशक कई देशों में अनलॉक कर दिया गया है, लेकिन एक देश से दूसरे देश जाने की अभी सामान्य परमिशन नहीं है। विशेष कारण से ही आप देश से जा सकते हैं या दूसरे देश से यहां आ सकते हैं। मूलत: हिसार के रहने वाले प्रदीप कुमार भी अपनी पत्नी और डेढ़ साल की बेटी को भारत लाने के लिए परेशान हैं। प्रदीप कुमार लुवास में डेयरी सुपरवाइजर हैं। 
कुछ समय पहले पूरा परिवार भारत आया हुआ था। लेकिन पत्नी जनवरी में अपनी मां से मिलने फिलीपींस गई थी। उनके साथ मासूम बेटी भी थी। इसी दौरान लॉकडाउन हो गया। अब दोनों फिलीपींस में फंस गए हैं। उन्होंने वंदे मातरम मिशन के तहत दोनों का टिकट बुक कराया था। लेकिन मनीला में उन्हें रोक लिया गया। दरअसल, उनकी बेटी को भारतीय नागरिकता है, लेकिन पत्नी फिलीपींस से हैं। लिहाज, तकनीक कारणों से उन्हें भारत आने की परमिशन नहीं मिली।

प्रदीप ने बताया कि उन्होंने फरवरी, 2018 में फिलीपींस की रहने वालीं रोजाना डायोट से शादी की थी। वे परिवार सहित भारत आए हुए थे। इसी बीच जनवरी, 2020 में रोजाना बेटी का लेकर अपनी मां से मिले फिलीपींस गई थी। अब वे उसे भारत लाने परेशान हैं। उन्होंने एयरलाइंस से टिकट बुक कराए, लेकिन कैंसल कर दिए गए। एंबेसी भी कोई मदद नहीं कर रही। प्रदीप का कहना है कि टिकट बुकिंग पर लाखों रुपए खर्च कर चुके हैं। एयरलाइंस ने बुकिंग कैंसल करके भी रिफंड नहीं किया। 

अब प्रदीप ने जिला प्रशासन से मदद मांगी है डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा तकनीकी अड़चन के कारण दोनों भारत नहीं आ पा रहे हैं। दरअसल, वंदे मातरम योजना के तहत भारतीय नागरिकों को ही आने की परमिशन है। रोजाना की नागरिकता फिलीपींस की है। इसलिए उसे रोका जा रहा है। बेशक प्रदीप की बेटी सिमरन की नागरिकता भारत की है, लेकिन छोटी बच्ची को अकेले भारत नहीं लाया जा सकता है।