चंबल नदी में ऊंट को पानी पिला रही लड़की को खींच ले गया मगरमच्छ, और फिर ऐसे बची जान

आगरा जिले के बाह क्षेत्र में अटेर घाट पर ऊंट को पानी पिला रही 15 साल की किशोरी को मगरमच्छ चंबल नदी में खींच ले गया। उसकी चीख पुकार पर पहुंचे चरवाहों ने मगरमच्छ को डंडों से पीट-पीटकर उसको मुक्त कराया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 
गांव दिन्नापुरा की 15 साल की रानी पुत्री नरेश पुरवंशी शुक्रवार को चंबल नदी के अटेर घाट पर ऊंट को पानी पिला रही थी। अचानक मगरमच्छ ने हमला बोल दिया और पैर को जबड़ों में जकड़ कर चंबल नदी में खींच ले गया।  रानी की चीख-पुकार सुनकर पर पहुंचे चरवाहों ने मगरमच्छ को डंडों से पीट-पीटकर उसको मुक्त कराया। 

सूचना पर पहुंचे परिजन घायल रानी को इलाज के लिए अटेर के अस्पताल ले गए। जहां से हायर सेंटर भेज दिया गया। मगरमच्छ को पकड़ने के दौरान बाल-बाल बचा वन दरोगा। उधर, कलींजर गांव में गुरुवार को मगरमच्छ के घुसने से दहशत फैल गई। इस दौरान मगरमच्छ के हमले से वन दरोगा राजेश सिंह बाल बाल बच गए। करीब दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकडे़ गए मगरमच्छ को चंबल नदी के नंदगवां घाट पर छोड़ दिया गया। कलींजर गांव यमुना नदी से 500 गज की दूरी पर बसा है। 

चंबल की बालू से लदे चार ऊंट पकडे़

हैचिंग पीरियड में मगरमच्छ और घड़ियाल के घोंसले बचाने के लिए वन विभाग की टीम दिन रात बालू के अवैध खनन को रोकने के लिए छापेमारी कर रही है। गुरुवार की रात वन विभाग की टीम ने रेंजर आरके सिंह राठौड़ के नेतृत्व में चंबल के कई घाटों पर छापेमारी की। क्यौरी घाट पर बालू से लदे चार ऊंट पकड़ लिए। 

वन विभाग की टमी उटसाना गांव के रमेश, महाराज सिंह, राजेंद्र सिंह, जनवेद को ऊंटों समेत बाह रेंज ले आई। शुक्रवार को जुर्माना वसूलकर उनको छोड़ा गया। रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि मगरमच्छ, घड़ियाल की हैचिंग हो रही है। अवैध खनन से इनके अंडे नष्ट होने का खतरा रहता है।