पड़ोसन को उसके ब्वॉयफ्रेंड के साथ देखना बच्ची को पड़ गया भारी, अब कभी ये सुन बोल नहीं पाएगी

यह मामला 15 मई का है। एक नाबालिग लड़की बालकनी में ब्वॉयफ्रेंड के साथ थी। पड़ोस में रहने वाली 9 साल की बच्ची जिसका नाम कीर्ति मिश्रा है उसकी नजर लड़की पर पड़ गई। बच्ची की नजर पड़ते ही लड़की घबरा गई उसे लगा कि उसका राज खुल जाएगा। इसके डर से उसने बच्ची का गला दबाकर मारने की कोशिश की। इतना ही नहीं उसका सिर दीवार पर दे मार। अब कीर्ति एक महीने से चंडीगढ़ पीजीआई के आईसीयू में कोमा में है और बोल-सुन नहीं पाएगी। ब्रेन में ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण उसकी यह हालत हुई है। उसका एक ऑपरेशन भी किया जा चुका है।

आंगन में बेहोश मिली थी कीर्ति
कीर्ति शाम करीब 7 बजे बॉल लेकर बाहर खेलने गई। काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो पिता को चिंता हुई। उन्होंने बाहर जा कर देखा तो कीर्ति बेहोशी की हालत में आंगन में गिरी हुई थी। उसे मनीमाजरा सिविल अस्पताल लेकर जाया गया जहां से पीजीआई रैफर कर दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की और अगली रात लड़की को गिरफ्तार किया तो सच सामने आ गया। 16 साल की लड़की ने कीर्ति का गला दबाया था। बच्ची के गले पर नाखून के निशान थे। पुलिस ने बिल्डिंग में रहने वाले सभी लोगों से घटना के बारे में पुचताश की और सभी के नाखून चेक किए। इस दौरान आरोपी लड़की ने पकड़े जाने के डर से नाखून काट लिए थे। इससे पुलिस को शक हुआ। सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी बातें कबूल की।

कीर्ति के पिता दिव्य प्रकाश पंचकूला सेक्टर-4 में मिठाई की दुकान के बाहर सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। लॉकडाउन में नौकरी भी चली गई। कुछ दिनों तक रिश्तेदारों से उधार लेकर अपनी बच्ची के लिए दवा लाते रहे। अब बेटी के इलाज के लिए पैसे नहीं बचे हैं। दिव्य कहते हैं कि कोई मदद करे तभी बच्ची का आगे इलाज करा सकूंगा। वहीं, डॉक्टर प्यारा लाल गर्ग का कहना है कि गला दबने से बच्ची के दिमाग में पूरी तरह से ऑक्सीजन नहीं पहुंचा जिसकी वजह से मिड ब्रेन अपनी जगह से हिल गया है। कोई चमत्कार हो तो ही वह ठीक हो सकती है। डॉक्टर ने कहा ऐसा नहीं है कि बच्ची बच नहीं सकती। फिलहाल बच्ची कोमा में है।