रोटी बनाकर खिलाता था बेटा, .. और अब चला गया तू !

मैं मां होकर भी मेरा बेटा मुझे रोटी बनाकर खिलाता था., बेटा तू कहां चला गया। अब मुझे कौन रोटी खिलाएगा। शुक्रवार शाम बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट उस समय गमगीन हो गया जब जी टाउन क्लब के मैनेजर राकेश तिवारी की मां निर्मला देवी अपने बेटे को अंतिम बार देखकर यही चीत्कार कर रही थी। बेटे को पुकारती मां को सुनकर वहां खड़े हर एक व्यक्ति की आंखें डबडबा आई। काफी मिन्नतों के बाद पार्वती घाट पर ही पत्नी करुणा, बेटे अरमान व मां निर्मला देवी ने अंतिम बार राकेश का चेहरा दिखाया गया जिसके बाद मां की पीड़ा फूट पड़ी।
टाटा स्टील द्वारा संचालित जी टाउन क्लब के मैनेजर राकेश कुमार तिवारी का शव गुरुवार रात संदिग्ध परिस्थितियों को उनके कदमा स्थित पदमा रोड के क्वार्टर नंबर 225 में मिली। राकेश का चेहरा पूरी तरह से काला पड़ गया था। परिजनों की माने तो राकेश की मौत दो-तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। राकेश ने अंतिम बार रविवार को अपनी मां निर्मला देवी से फोन पर बात की थी। जबकि उनकी पत्नी करुणा देवी ओडिशा के टिकरी रायगढ़ा स्थित आदित्य बिड़ला स्कूल में टीचर है। उनका दस साल का बेटा अरमान भी इसी स्कूल में पढ़ता है जबकि राकेश अकेले क्वार्टर में रहते थे। 

गुरुवार को जब उन्होंने फोन नहीं उठाया तो परिजन पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में क्वार्टर का दरवाजा खोला गया। जहां राकेश का शव जमीन पर पड़ा मिला। कमरे का एसी चल रहा था इसलिए बदबू बाहर नहीं आ रही थी। शुक्रवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे टीएमएच के शीतगृह में रख दिया था। शव इस कदर खराब हो चुका था कि राकेश को उनके आवास तक नहीं ले जाया गया। पत्नी व बच्चे जब रायगढ़ा से शहर पहुंचे तो शव को सीधे बिष्टुपुर के पार्वती घाट ले जाया गया। जहां शाम साढ़े सात बजे इलेक्ट्रिकल फर्नेस में राकेश का अंतिम संस्कार हुआ।