ये मानवता की हत्या नहीं तो क्या ? पत्नी बोली...कैसे बच्चों को पालेंगे...

कोविड अस्पताल में कैथून निवासी लालचंद मालव की दर्द से तड़प-तड़प कर मौत होने के बाद उसके बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। परिवार को पालने वाला एक मात्र शख्स वही था। मृतक की पत्नी निर्मला बाई ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा किअब कैसे बच्चों को पालेंगे, कैसे उनको पढ़ाएंगे। बच्चे भी बोले कि अब हमारी कौन देखभाल करेगा। लालचंद के चले जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। उनके पीछे तीन छोटे बच्चे और विधवा पत्नी बेसहारा हो गई, उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। 
लालचन्द केईडीएल कम्पनी में ठेका श्रमिक के रूप में लाइनमेन का काम करके अपने परिवार का पेटभर रहा था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार का कोई सहारा नहीं बचा है। लालचंद के पीडि़त परिवारजनों ने सहायता प्रदान करने एवं दोषी चिकित्सा कार्मिकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए शुक्रवार को भाजपा शहर जिला कार्यसमिति सदस्य इरशाद अली के साथ जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। 

मृतक की पत्नी निर्मला बाई ने जिला कलक्टर से अनुरोध किया है कि मानवीय आधार पर पति की अकाल मृत्यु पर पीडि़त परिवार को सहायता राशि प्रदान की जाए और
उनकी मृत्यु के लिए दोषी मेडिकल कार्मिकों के विरूद्ध अविलम्ब प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसकी जांच कोटा मेडिकल विभाग के अतिरिक्त अन्य किसी सक्षम व योग्य अधिकारी से करवाई जाए, ताकि दोषी जांच को प्रभावी नहीं कर सकें।