साड़ी कंपनी में काम करता था युवक, लाॅकडाउन में घर आया तो सगे भाई ने ही कर दी हत्या

रिश्ते किस कदर कमजोर हो रहे हैं, यह रविवार को प्रवासी हत्याकांड का पर्दाफाश होते ही सामने आ गया। सूरत की साड़ी कंपनी में काम करने वाला भाई अरसे बाद लॉकडाउन के समय मुसीबत में घर लौटा तो सगे भाई ने ही दोस्त के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ की तो वजह जानकार लोग सन्न रह गए। पुलिस दोनों की निशनादेही पर कत्ल में इस्तेमाल कुल्हाड़ी व खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
कर्वी कोतवाली क्षेत्र के विनायकपुर गांव निवासी 26 वर्षीय हेमराज सिंह सूरत में रहकर साड़ी कंपनी में काम करता था। लॉकडाउन में वह लंबे समय के बाद गांव आया था। क्वारंटाइन का समय पूरा होने के बाद वह शुक्रवार शाम घर से बाहर घूमने के लिए निकला था। दूसरे दिन शनिवार की सुबह उसका रक्तरंजित शव गांव के बाहर पड़ा मिला था। कुल्हाड़ी से काटकर उसकी हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई थी। गांव में किसी से दुश्मनी और कोई दूसरी वजह सामने न आने से पुलिस भी संदेह में थी। कोतवाल एके सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम वारदात का पर्दाफाश करने में जुटी थी।

एसपी अंकित मित्तल ने बताया कि सगे भाई पुष्पेंद्र सिंह ने गांव के रामचंद्र कोरी पर शक जताकर मुकदमा दर्ज कराया था। रामचंद्र को पकड़ने के बाद पूछताछ में उसने पुष्पेंद्र का नाम लिया। इस पर दोनों को आमने सामने किया गया तो हत्या का राज खुल गया। पुष्पेंद्र ने बताया कि वह खेत बेचना चाहता था लेकिन लॉकडाउन में घर आया भाई हेमराज लगातार विरोध कर रहा था। इसपर उसने रामचंद्र को जमीन बेचकर उसका कर्ज चुकवाने व दुकान खुलवाने का लालच देकर साजिश रची।

शुक्रवार रात आठ बजे विनायकपुर गांव से 300 मीटर दूर खेतों पर हेमराज को ले जाकर शराब पिलाई। इसके बाद रामचंद्र की मदद से हेमराज के पीछे सिर पर कुल्हाड़ी से वार करके हत्या कर दी। इसके बाद दोनों लोग अपने घर आ गए। उनकी निशानदेही पर खून से सनी कुल्हाड़ी, मोबाइल फोन, रामचंद्र के खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए हैं।